By : Raghvender singh
04.05.2020
नई दिल्ली। मोबाइल फोन की चोरी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सरकार ने अब पुख्ता कदम उठा लिए हैं। ऐसी व्यवस्था कर दी गई है कि देश के चाहे जिस हिस्से से मोबाइल फोन चुराया जाए, उसे पूरे देश में पकड़ा जा सकता है। सरकार काफी दिनों से इस काम में लगी थी, और अब यह सिस्टम काम करने लगा है। लोग अपना मोबाइल फोन चोरी होते ही सरकार के बताए हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर अपना विवरण दर्ज करा सकते हैं। जैसे ही यह विवरण सिस्टम में डाला जाएगा पूरे देश में यह फैल जाएगा। इसके बाद जैसे ही चोर इस फोन का इस्तेमाल करेगा, उसे पकड़ लिया जाएगा।
महाराष्ट्र में सफल ट्रायल महाराष्ट्र में इस सिस्टम की प्रायोगिक शुरुआत की गई थी। वहां यह सिस्टम पूरी तरह सफल रहा है। अब यह सॉफ्टेवेयर देश के हर राज्य की पुलिस को सौंपा जा चुका है। कुछ ही दिनों में यह चालू कर दिया जाएगा। उम्मीद है कि दूरसंचार विभाग 1-2 हफ्ते में इसकी अधिकारिक शुरुआत करेगा और टेलीकॉम मंत्री रविशंकर प्रसाद इसकी घोषणा करेंगे।
जानिए हेल्पलाइन नंबर
मोबाइल चोरी होने पर मदद के लिए सरकार ने एक हेल्पलाइन नंबर जार कर दिया है। अब पूरे देश में कोई भी हेल्पलाइन नंबर 14422 पर शिकायत दर्ज करा सकता है। जैसे ही इस हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत आएगी, इसको मोबाइल कंपनियों को भेज दिया जाएगा और तुरंत ही मोबाइल कंपनियां इस मोबाइल फोन ब्लॉक कर देंगी। इसके बाद इसका इस्तेमला पूरे देश में कहीं भी नहीं हो पाएगा।
कैसे काम करेगा यह सिस्टम
हर मोबाइल फोन का खास नंबर होता है, जिसे ईएमईआई नंबर कहा जाता है। यह हर मोबाइल फोन का एक खास नंबर होता है, और यह मोबाइल फोन बनने के दौरान ही कंपनियों इसमें इंस्टॉल करती हैं। कुछ लोग इस ईएमईआई से छेड़छाड़ करते हैं, लेकिन ऐसे लोगों के लिए अब सरकार ने 3 साल की सजा का प्रावधान किया है।
सरकार ने तैयार किया सेंट्रल इक्विपमेंट आईडेंटिटी रजिस्टर
सरकार ने सेंट्रल इक्विपमेंट आईडेंटिटी रजिस्टर यानी सीईआईआर को तैयार किया है। यह सॉफ्टवेयर सी-डॉट ने खुद तैयार किया है। स्वदेशी होने के चलते इसमें जब भी जरूरत हो सुधार करने की गुंजाइश रहेगी।
अभी तक क्या थी व्यवस्था
अभी तक मोबाइल फोन खोने पर संबंधित राज्य तक उसकी खोज हो पाती थी। अक्सर मोबाइल चुराने वाले इसकी चोरी के बाद दूसरे राज्य में बेच देते थे। ऐसे में पुलिस के लिए चुराए गए मोबाइल फोन का खोजना कठिन हो जाता था। लेकिन अब जैसे ही मोबाइल फोन चोरी की सूचना मिलेगी, इसे पूरे देश में एक साथ भेजा ज सकेगा। ऐसा होते ही अब चोरी का मोबाइल देश के किसी भी हिस्से में काम नहीं कर सकेगा, और जैसे ही इसे चलाने की कोशिश होगी चोर को पकड़ा जा सकेगा। केंद्रीय दूरसंचार मंत्रालय ने इसी मई में महाराष्ट्र सर्किल से इस सेवा की शुरुआत कर दी है और देश के बचे 21 दूरसंचार सर्किलों में इसे दिसंबर तक लागू कर दिया जाएगा।
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