ठाकुर' से लेकर 'टिंगू जी' तक ये 10 साथी कलाकार छोड़ चुके अमिताभ बच्चन का साथ, रुला देगी ये पूरी लिस्ट
संजीव कुमार
अमिताभ बच्चन और संजीव कुमार की फिल्में तो आज की पीढ़ी ने भी बहुत देखी होंगी। इन दोनों महान कलाकारों ने एक साथ त्रिशूल, ईमान धर्म, फरार, शोले, खुद्दार जैसी तमाम फिल्मों में काम किया। संजीव कुमार का जन्म 9 जुलाई 1938 को सूरत में हुआ था। यह एक ऐसे कलाकार थे जिन्होंने रोमांटिक, ड्रामा और थ्रिलर से लेकर लगभग सभी जॉनर की फिल्मों में काम किया। उन्हें अपनी उम्र से ऊंचे किरदार निभाने में कोई दिक्कत नहीं थी। 6 नवंबर 1985 को उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।
अमजद खान
अमजद खान ने हिंदी सिनेमा को अपनी महान कलाकारी के लगभग 20 साल दिए। उनकी अमिताभ बच्चन के साथ बहुत गहरी दोस्ती थी और बाद के दिनों में थोड़ी बहुत खटपट भी दोनों में हुई। इन दोनों ने एक साथ शोले, याराना, सत्ते पे सत्ता, लावारिस, द ग्रेट गैंबलर जैसी कई बेहतरीन फिल्मों में काम किया। अमजद खान का जन्म 12 नवंबर 1940 को पाकिस्तान के पेशावर शहर में हुआ था। उन्होंने मात्र 52 वर्ष की आयु में 22 जुलाई 1992 को ही इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
अमजद खान ने हिंदी सिनेमा को अपनी महान कलाकारी के लगभग 20 साल दिए। उनकी अमिताभ बच्चन के साथ बहुत गहरी दोस्ती थी और बाद के दिनों में थोड़ी बहुत खटपट भी दोनों में हुई। इन दोनों ने एक साथ शोले, याराना, सत्ते पे सत्ता, लावारिस, द ग्रेट गैंबलर जैसी कई बेहतरीन फिल्मों में काम किया। अमजद खान का जन्म 12 नवंबर 1940 को पाकिस्तान के पेशावर शहर में हुआ था। उन्होंने मात्र 52 वर्ष की आयु में 22 जुलाई 1992 को ही इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
अशोक कुमार
अशोक कुमार का जन्म 13 अक्टूबर 1911 में हुआ था और वह 1936 से ही हिंदी सिनेमा में सक्रिय हो गए थे। इसके बाद लगातार काम करते-करते उन्होंने हिंदी सिनेमा को छह दशक तक सुशोभित किया। इसी बीच उन्होंने और अमिताभ बच्चन ने 'मिली', छोटी सी बात और महान' जैसी कुछ शानदार फिल्मों में काम किया। अमिताभ ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह जितने अच्छे अभिनेता थे, उतने ही अच्छे एक डॉक्टर भी थे। वह देख कर ही लोगों की मर्ज बता दिया करते थे। अशोक कुमार का निधन 10 दिसंबर 2001 को मुंबई में हुआ।
अशोक कुमार का जन्म 13 अक्टूबर 1911 में हुआ था और वह 1936 से ही हिंदी सिनेमा में सक्रिय हो गए थे। इसके बाद लगातार काम करते-करते उन्होंने हिंदी सिनेमा को छह दशक तक सुशोभित किया। इसी बीच उन्होंने और अमिताभ बच्चन ने 'मिली', छोटी सी बात और महान' जैसी कुछ शानदार फिल्मों में काम किया। अमिताभ ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह जितने अच्छे अभिनेता थे, उतने ही अच्छे एक डॉक्टर भी थे। वह देख कर ही लोगों की मर्ज बता दिया करते थे। अशोक कुमार का निधन 10 दिसंबर 2001 को मुंबई में हुआ।
सुनील दत्त
सुनील दत्त भी अमिताभ बच्चन के गहरे मित्रों में से एक रहे। सुनील का जन्म 6 जून 1929 को पंजाब में हुआ। उन्होंने हिंदी सिनेमा में अभिनय की शुरुआत 1955 में आई फिल्म 'रेलवे प्लेटफार्म' से की थी। उसके बाद वह लगातार फिल्मों में काम करते रहे और लगभग पांच दशक से ज्यादा तक फिल्मों में सक्रिय रहे। हालांकि बीच में उन्होंने 10 साल तक आराम भी किया। इसी बीच उन्होंने और अमिताभ बच्चन ने शान जैसी बड़ी फिल्म में काम किया। सुनील दत्त ने अमिताभ बच्चन को अपनी फिल्म रेशमा और शेरा में भी मौका दिया था। 25 मई 2005 को उनका हार्ट अटैक के कारण अपने घर पर ही निधन हो गया।
सुनील दत्त भी अमिताभ बच्चन के गहरे मित्रों में से एक रहे। सुनील का जन्म 6 जून 1929 को पंजाब में हुआ। उन्होंने हिंदी सिनेमा में अभिनय की शुरुआत 1955 में आई फिल्म 'रेलवे प्लेटफार्म' से की थी। उसके बाद वह लगातार फिल्मों में काम करते रहे और लगभग पांच दशक से ज्यादा तक फिल्मों में सक्रिय रहे। हालांकि बीच में उन्होंने 10 साल तक आराम भी किया। इसी बीच उन्होंने और अमिताभ बच्चन ने शान जैसी बड़ी फिल्म में काम किया। सुनील दत्त ने अमिताभ बच्चन को अपनी फिल्म रेशमा और शेरा में भी मौका दिया था। 25 मई 2005 को उनका हार्ट अटैक के कारण अपने घर पर ही निधन हो गया।
शम्मी कपूर
शम्मी कपूर का जन्म 21 अक्टूबर 1931 को मुंबई में हुआ था। शम्मी कपूर भले ही कपूर खानदान का हिस्सा रहे लेकिन सिनेमा में इनकी शुरुआत काफी लेट हुई। इन्हें अपनी डेब्यू फिल्म 'जीवन ज्योति' 1953 में जाकर मिली। शम्मी कपूर ने अमिताभ बच्चन के साथ कई फिल्मों में काम किया जिनमें से बटवारा, परवरिश, देश प्रेमी, अजूबा और जमीर मुख्य हैं। 14 अगस्त 2011 को शम्मी कपूर इस दुनिया को छोड़ कर चले गए।
शम्मी कपूर का जन्म 21 अक्टूबर 1931 को मुंबई में हुआ था। शम्मी कपूर भले ही कपूर खानदान का हिस्सा रहे लेकिन सिनेमा में इनकी शुरुआत काफी लेट हुई। इन्हें अपनी डेब्यू फिल्म 'जीवन ज्योति' 1953 में जाकर मिली। शम्मी कपूर ने अमिताभ बच्चन के साथ कई फिल्मों में काम किया जिनमें से बटवारा, परवरिश, देश प्रेमी, अजूबा और जमीर मुख्य हैं। 14 अगस्त 2011 को शम्मी कपूर इस दुनिया को छोड़ कर चले गए।
राजेश खन्ना
अमिताभ बच्चन और राजेश खन्ना में कोई गहरी दोस्ती तो नहीं थी लेकिन इन दोनों ने आनंद, नमक हराम, बावर्ची जैसी कुछ फिल्मों में एक साथ काम जरूर किया। कहा जाता है कि राजेश खन्ना को अमिताभ बच्चन कभी पसंद नहीं थे। उन्हें अंदेशा हो गया था कि अमिताभ बच्चन अगर सिनेमा में आगे बढ़ गए तो उन्हें अपनी सुपरस्टार की कुर्सी को छोड़ना पड़ेगा। हुआ भी कुछ ऐसा ही। 18 जुलाई 2012 को हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार ने इस दुनिया को छोड़ दिया।
अमिताभ बच्चन और राजेश खन्ना में कोई गहरी दोस्ती तो नहीं थी लेकिन इन दोनों ने आनंद, नमक हराम, बावर्ची जैसी कुछ फिल्मों में एक साथ काम जरूर किया। कहा जाता है कि राजेश खन्ना को अमिताभ बच्चन कभी पसंद नहीं थे। उन्हें अंदेशा हो गया था कि अमिताभ बच्चन अगर सिनेमा में आगे बढ़ गए तो उन्हें अपनी सुपरस्टार की कुर्सी को छोड़ना पड़ेगा। हुआ भी कुछ ऐसा ही। 18 जुलाई 2012 को हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार ने इस दुनिया को छोड़ दिया।
प्राण
प्राण और अमिताभ बच्चन की गहरी दोस्ती आखिर क्यों ना होती? ये दोनों शुरुआत से ही एक दूसरे के साथ रहे। अमिताभ बच्चन को जब अपनी पहली हिट फिल्म 'जंजीर' मिली तो उसमें भी प्राण ने अमिताभ के साथ बेहतरीन काम किया। बाद में यह दोनों एक साथ नास्तिक, गंगा की सौगंध, मजबूर, दोस्ताना, अंधा कानून, कालिया, कसौटी, डॉन जैसी कई फिल्मों में नजर आए। प्राण का जन्म 12 फरवरी 1920 को दिल्ली में हुआ था। उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 40 के दशक में की थी और उनका करियर सफलतापूर्वक छह दशक से भी ज्यादा चला। 12 जुलाई 2013 को इन्होंने 93 साल की उम्र में दुनिया छोड़ दी
विनोद खन्ना
विनोद खन्ना ने भी 27 अप्रैल 2017 यानी अब से तीन साल पहले ही इस दुनिया को छोड़ा है। अमिताभ बच्चन और विनोद खन्ना के बीच गहरी मित्रता थी। उन्होंने एक साथ परवरिश, रेशमा और शेरा, मुकद्दर का सिकंदर, खून पसीना, जमीर, हेरा फेरी, अमर अकबर एंथनी, जैसी बेहतरीन फिल्मों में काम किया। विनोद खन्ना ने अपने करियर की शुरुआत 1969 में आई फिल्म 'मन का मीत' से की थी। फिल्मी दुनिया में उनका सफर शाहरुख खान की 2015 में रिलीज हुई फिल्म 'दिलवाले' तक चला।
विनोद खन्ना ने भी 27 अप्रैल 2017 यानी अब से तीन साल पहले ही इस दुनिया को छोड़ा है। अमिताभ बच्चन और विनोद खन्ना के बीच गहरी मित्रता थी। उन्होंने एक साथ परवरिश, रेशमा और शेरा, मुकद्दर का सिकंदर, खून पसीना, जमीर, हेरा फेरी, अमर अकबर एंथनी, जैसी बेहतरीन फिल्मों में काम किया। विनोद खन्ना ने अपने करियर की शुरुआत 1969 में आई फिल्म 'मन का मीत' से की थी। फिल्मी दुनिया में उनका सफर शाहरुख खान की 2015 में रिलीज हुई फिल्म 'दिलवाले' तक चला।
शशि कपूर
अमिताभ बच्चन जिस एक अभिनेता के सबसे बड़े फैन हुआ करते थे, वे थे शशि कपूर। इनका जन्म 18 मार्च 1938 को कोलकाता में हुआ था और अपने जन्म के सात साल बाद ही शशि फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में सक्रिय हो गए थे। बचपन में ही पर्दे पर कलाकारी शुरू कर देने के कारण शशि ने हिंदी सिनेमा में पांच दशक तक सफलतापूर्वक काम किया। इसी बीच उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ सुहाग, त्रिशूल, रोटी कपड़ा और मकान, दीवार, नमक हलाल, दो और दो पांच, काला पत्थर, शान जैसी 10 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया। लंबी बीमारी के चलते 4 दिसंबर 2017 में शशि कपूर ने मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में अपना दम तोड़ दिया।
अमिताभ बच्चन जिस एक अभिनेता के सबसे बड़े फैन हुआ करते थे, वे थे शशि कपूर। इनका जन्म 18 मार्च 1938 को कोलकाता में हुआ था और अपने जन्म के सात साल बाद ही शशि फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में सक्रिय हो गए थे। बचपन में ही पर्दे पर कलाकारी शुरू कर देने के कारण शशि ने हिंदी सिनेमा में पांच दशक तक सफलतापूर्वक काम किया। इसी बीच उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ सुहाग, त्रिशूल, रोटी कपड़ा और मकान, दीवार, नमक हलाल, दो और दो पांच, काला पत्थर, शान जैसी 10 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया। लंबी बीमारी के चलते 4 दिसंबर 2017 में शशि कपूर ने मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में अपना दम तोड़ दिया।
ऋषि कपूर
अमिताभ और ऋषि की जोड़ी उन जोड़ियों में से एक है जिन्होंने 20वीं सदी में तो साथ काम किया ही, इसके अलावा ये दोनों 21वीं सदी में भी एक साथ फिल्मों में नजर आए। ऋषि की मृत्यु ऐसे समय पर हुई जब पूरी दुनिया कोरोना वायरस से जूझ रही है। इस संकट की घड़ी में उनके करीबी दोस्त अमिताभ बच्चन उन्हें अस्पताल में देखने भी नहीं जा पाए। अमिताभ बच्चन को इस बात का बहुत अफसोस है। ये दोनों अमर अकबर एंथनी, अजूबा, कुली, नसीब, 102 नॉट आउट के अलावा कुछ और फिल्मों में भी एक साथ नजर आए। ऋषि कपूर के निधन की सार्वजनिक सूचना अमिताभ बच्चन को ही 30 अप्रैल 2020 को जगजाहिर करनी पड़ी।
अमिताभ और ऋषि की जोड़ी उन जोड़ियों में से एक है जिन्होंने 20वीं सदी में तो साथ काम किया ही, इसके अलावा ये दोनों 21वीं सदी में भी एक साथ फिल्मों में नजर आए। ऋषि की मृत्यु ऐसे समय पर हुई जब पूरी दुनिया कोरोना वायरस से जूझ रही है। इस संकट की घड़ी में उनके करीबी दोस्त अमिताभ बच्चन उन्हें अस्पताल में देखने भी नहीं जा पाए। अमिताभ बच्चन को इस बात का बहुत अफसोस है। ये दोनों अमर अकबर एंथनी, अजूबा, कुली, नसीब, 102 नॉट आउट के अलावा कुछ और फिल्मों में भी एक साथ नजर आए। ऋषि कपूर के निधन की सार्वजनिक सूचना अमिताभ बच्चन को ही 30 अप्रैल 2020 को जगजाहिर करनी पड़ी।
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